(Mukhi Deepak Kathuria) www.bharatdarshannews.com

Bharat Darshan Agency News, 22 November 2025 : G-20 Summit : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक विकास मानदंडों पर गहन पुनर्विचार का शनिवार को आह्वान किया और मादक पदार्थ-आतंकवाद गठजोड़ का मुकाबला करने के लिए जी-20 पहल तथा एक वैश्विक स्वास्थ्य सेवा प्रतिक्रिया दल बनाने का प्रस्ताव रखा। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के सभ्यतागत मूल्य, विशेष रूप से ‘एकात्म मानववाद' का सिद्धांत, आगे बढ़ने का मार्ग प्रदान करता है।
पीएम मोदी ने यहां जी-20 नेताओं की बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पर्यावरण-संतुलित, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और सामाजिक रूप से एकजुट जीवन शैली को संरक्षित करने के लिए जी-20 के तहत एक वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार बनाने का प्रस्ताव रखा। पीएम मोदी ने ‘समावेशी और सतत आर्थिक विकास, जिसमें कोई पीछे न छूटे' विषय पर आयोजित सत्र में कहा कि अब हमारे लिए अपने विकास मानदंडों पर पुनर्विचार करने और समावेशी एवं सतत विकास पर ध्यान केंद्रित करने का सही समय है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी, विशेषकर फेंटानिल जैसे अत्यंत खतरनाक पदार्थों के प्रसार की चुनौती से निपटने के लिए भारत ने मादक पदार्थ-आतंकवाद गठजोड़ का मुकाबला करने के लिए जी-20 पहल का प्रस्ताव रखा है। आइए मिलकर इस भयावह नशा-आतंक गठजोड़ को कमजोर करें। मैंने सर्वांगीण विकास के हमारे सपने को साकार करने के लिए कुछ कार्ययोजनाएं पेश कीं। उनमें से पहली है जी20 वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार का निर्माण। इस संबंध में भारत का इतिहास समृद्ध है। इससे हमें अपने सामूहिक ज्ञान को बेहतर स्वास्थ्य और कल्याण के लिए आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अफ्रीका की प्रगति दुनिया की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है और उन्होंने जी-20-अफ्रीका कौशल विकास पहल का प्रस्ताव रखा है। भारत हमेशा अफ्रीका के साथ एकजुटता से खड़ा रहा है। मुझे इस बात पर गर्व है कि भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान ही अफ्रीकी संघ जी-20 का स्थायी सदस्य बना। हमारा सामूहिक लक्ष्य अगले दशक के भीतर अफ्रीका में 10 लाख प्रमाणित प्रशिक्षक तैयार करना होना चाहिए।
उन्होंने जी-20 वैश्विक स्वास्थ्य सेवा प्रतिक्रिया दल बनाने का भी प्रस्ताव रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य आपात स्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते समय जब हम मिलकर काम करते हैं, तो हम और भी मजबूत होते हैं। हमारा प्रयास साथी जी20 देशों से प्रशिक्षित चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम तैयार करना होना चाहिए, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत तैनाती के लिए तैयार रहें।