सरकार की गलत नीतियों के कारण व्यापारी व उद्योगपति रहा है पीस, भ्रष्ट अधिकारी रिश्वत लेकर हो रहा है मालामाल  : बजरंग गर्ग
Breaking News :

HARYANA

सरकार की गलत नीतियों के कारण व्यापारी व उद्योगपति रहा है पीस, भ्रष्ट अधिकारी रिश्वत लेकर हो रहा है मालामाल  : बजरंग गर्ग
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Sunday,07 October , 2018)

Yamuna Nagar News, 7 October 2018 : प्रदेश व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों का एक सम्मेलन होटल दावते प्लाजा में हुआ। जिस सम्मेलन में मुख्य अतिथि हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग थे। जिसमें भारी संख्या में व्यापारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। व्यापार मंडल के प्रतिनिधी राजेश सेठ, केवल सिंह खरबंदा व अनिल भाटिया ने प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग को साल, शील्ड व तलवार भेंट करके जोरदार स्वागत किया। व्यापार मंडल की तरफ से श्री गर्ग के समक्ष अपनी समस्याएं सभी वक्ताओं ने रखी। व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने सम्मेलन में उपस्थित व्यापारी प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण लगातार देश व प्रदेश में व्यापार व उद्योग पिछड़ता जा रहा है। केंद्र सरकार ने जीएसटी के तहत टैक्सों में भारी-भरकम बढ़ोतरी करके व नोट बंदी करके व्यापार व उद्योग को भारी-भरकम नुकसान पहुंचाया है। जबकि कपड़ा, चीनी, खेती में उपयोग आने वाली दवाइयां, खाद पर वेट कर नहीं था। मगर जीएसटी के तहत 5 प्रतिशत टैक्स लगा दिया गया। जिन वस्तुओं पर 5 व 12.5 प्रतिशत वेटकर था। उन वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाकर 18 व 28 प्रतिशत जीएसटी में करके जनता पर नाजायज बोझ डाल दिया। प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार ने जीएसटी लागू करने से पहले वादा किया था कि जीएसटी के तहत भारत एक देश व टैक्स की दर भी एक होगी। भारत देश तो एक ही है मगर जीएसटी में टैक्स की दरें 6 प्रकार की लागू कर दी गई है। जीएसटी लगाने के बाद अनाज पर मार्केट फीस समाप्त होनी चाहिए थी। मगर सरकार ने किसानों के अनाज पर अभी तक मार्केट फीस समाप्त ना करके किसानों के साथ नाइंसाफी की है। यहां तक की जिन वस्तुओं पर टैक्स कम था उन वस्तुओं पर अनाप-शनाप टैक्स जीएसटी के तहत लगा दिया गया। जिस पेट्रोल व डीजल पर टैक्स लगभग 57 प्रतिशत है उस पर अभी तक सरकार ने टैक्स कम करके उसे जीएसटी के दायरे में ना लेकर देश की जनता के साथ ज्याति की है। श्री गर्ग ने कहा कि जीएसटी के तहत इतनी ज्यादा कागज कार्रवाई कर दी कि व्यापारी अपनी ही दुकान में मुनीम बनकर रह गया। जबकि व्यापारी व उद्योगपति अपने व्यापार करने के बजाय सारा दिन कागज कार्रवाई में ही लगा रहता है। प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि इस राज्य में ईमानदार व्यापारी व उद्योगपति पीस रहा है और भ्रष्ट अधिकारी रात दिन रिश्वत लेकर मालामाल हो रहा है। प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार को देश व प्रदेश में व्यापार व उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जीएसटी में 28 प्रतिशत टैक्स का स्लैब खत्म करके अधिकतम टैक्स की दर 15 प्रतिशत करनी चाहिए। व्यापारी जो टैक्स भरता है उसका 5 प्रतिशत कमीशन प्रोत्साहन के रूप में व्यापारियों को कमीशन दिया जाए, 60 वर्ष से ऊपर के व्यापारियों को सरकार द्वारा कम से कम 5000 रूपये पेंशन मिलनी चाहिए। व्यापारी व उद्योगपतियों को व्यापार करने के लिए कम ब्याज पर लोन देने का कानून बनाया जाए, व्यापारी व उद्योगपति की दुकान में फैक्ट्री में आग लगने या किसी प्रकार की अप्रिय घटना होने पर व्यापारी की दुकान व फैक्ट्री में जितना भी सामान पड़ा है उसकी माल का पूरी भरपाई के लिए सरकार अपने खर्चे पर पूरा मुफ्त बीमा योजना लागू करें। 

सरकार की गलत नीतियों के कारण व्यापारी व उद्योगपति रहा है पीस, भ्रष्ट अधिकारी रिश्वत लेकर हो रहा है मालामाल  : बजरंग गर्ग