NPA के जाल में फंसी मोदी सरकार? अब संसद चाह रही रघुराम राजन की वापसी!
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NPA के जाल में फंसी मोदी सरकार? अब संसद चाह रही रघुराम राजन की वापसी!
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Monday,20 August , 2018)

New Delhi News 20 Aug 2018 : सूत्रों का दावा है कि समिति चाहती है कि जल्द से जल्द एनपीए से लड़ने की कोशिशों को सही दिशा दी जाए. हाल ही में एनपीए पर समिति के सामने पेश हुए भारत सरकार के पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने भी कहा कि रघुराम राजन से बेहतर इस समस्या को कोई नहीं जानता.संसदीय आंकलन समिति के अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने पूर्व केन्द्रीय रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन को समिति के सामने पेश होने के लिए कहा है. संसदीय समिति देश में गहराते एनपीए(नॉन परफॉर्मिंग असेट) संकट की जांच कर रही है. सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया है कि समिति के अध्यक्ष ने 7 अगस्त को राजन को पत्र लिखा है और उम्मीद जताया है कि राजन जल्द ही समिति के सामने पेश होंगे और समिति को एनपीए की समस्या और उससे लड़ने की कोशिशों किस दिशा में बढ़ रही है पर अपनी राय साझा करेंगे.  

गौरतलब है कि रघुराम राजन का रिजर्व बैंक का कार्यकाल सितंबर 2016 में पूरा हुआ था लेकिन केन्द्र सरकार ने उनके कार्यकाल को बढ़ाने की पहल नहीं की थी. इसके चलते रघुराम राजन ने रिजर्व बैंक के कार्यकाल को खत्म करने के बाद अमेरिकी यूनीवर्सिटी में रीसर्च को तरजीह दी और उनके बाद केन्द्र सरकार ने उर्जित पटेल को नया गवर्नर नियुक्त कर दिया.

सूत्रों का दावा है कि समिति को रघुराम राजन की काबीलियत पर भरोसा है और इसीलिए वह चाहती है कि जल्द से जल्द एनपीए से लड़ने की कोशिशों को सही दिशा दी जाए. खासबात है कि समिति के अध्यक्ष ने राजन से यह भी कहा है कि यदि वह व्यस्तता के चलते जल्द ही समिति के  सामने पेश नहीं हो सकते तो वह मामले में अपना पक्ष लिखित तौर पर भी समिति को भेज सकते हैं.

मुरली मनोहर जोशी ने अपने पत्र में लिखा है कि रघुराम राजन एनपीए की समस्या पर अपना लिखित वक्तव्य दे और यह भी बताएं कि आखिर कैसे एनपीए की समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है और केन्द्र सरकार को इसे काबू करने के लिए किस दिशा में काम करना चाहिए.

खासबात है कि संसदीय समिति के अध्यक्ष द्वारा राजन को पत्र लिखने का कदम तब उठाया गया जब हाल ही में केन्द्र सरकार के प्रमुख आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने समिति के सामने एनपीए पर अपना पक्ष रखा. सूत्रों का दावा है कि सुब्रमण्यम ने समिति को बताया कि एनपीए की समस्या को सही तरीके से पहचानने का श्रेय पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन को जाता है और उनसे बेहतर यह कोई नहीं जानता कि आखिर देश में एनपीए की समस्या कैसे इतनी गंभीर हो गई.

इसके अलावा सुब्रमण्यम ने दावा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान राजन ने इस समस्या को हल करने की महत्वपूर्ण पहल की थी.

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