जयपुर सेंट्रल जेल से चल रहा था ठग गिरोह, चूरू पुलिस ने किया पर्दाफाश
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जयपुर सेंट्रल जेल से चल रहा था ठग गिरोह, चूरू पुलिस ने किया पर्दाफाश
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Monday,09 April , 2018)

चूरू पुलिस की गिरफ्त में आया शातिर

Amit Bharadwaj/ Jaipur/Jhunjhunun/Churu News, 9 April 2018 : राजस्थान के चूरू की कोतवाली थाना पुलिस ने ऐसे ठग गिरोह का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की है जिसका संचालन जयपुर सेन्ट्रल जेल में बन्द सरगना मोबाइल से कर रहा था. ये गिरोह लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी करने वाले इस गिरोह पर चूरू, जयपुर, सीकर, सिरोही, बून्दी सहित प्रदेश के कई जिलों में ठगी के 24 मामले दर्ज हैं. चूरू कोतवाली पुलिस को इन बदमाशों की 23 जनवरी 2018 से तलाश थी. चूरू में इनके द्वारा नगरपरिषद के पूर्व सभापति मुरलीधर शर्मा को सीकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का एएसपी बनकर एक लाख रुपए का चूना लगाया था. कोतवाली पुलिस ने 23 जनवरी को आईपीसी की धारा 406 और 420 में मामला दर्ज साइबर शाखा की मदद से तथ्य जुटाने शुरू किये, तो चौंका देने वाले तथ्य सामने आए. साइबर शाखा ने जुटाये गए तथ्यों के आधार पर पुलिस के सामने जो नाम सामने आये वे बून्दी जिले का राजीव कुमार जैन, सीतापूर उत्तरप्रदेश का मोनू उर्फ धीरज शर्मा तथा धीरज शर्मा का भाई अनुमोल रतन उर्फ शलारू थे. कोतवाली पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी जिसके बाद 19 साल के अनुमोल रतन को दबोचने में पुलिस को कामयाबी मिली. अनुमोल रतन उर्फ शलारू ने पुलिस के सामने कई राज उगले. चूरू कोतवाली थानाधिकारी रमेश कुमार सरवटा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शलारू अपने गिरोह के लिए शिकार तलाशने और ठगी के शिकार लोगों से जमा रकम के कलेक्शन का काम करता है. शलारू फंसाये जा सकने वाले लोगों की जानकारी और जिस अकाउन्ट में रुपये जमा करने हैं इसकी जानकारी जयपुर सेन्ट्रल जेल में बन्द गैग के सरगना राजीव  और अपने भाई धीरज तक पहुंचाता था. जिसके बाद जेल से मोबाइल के जरिये राजीव  और धीरज तक पहुंचाता था।जिसके बाद जेल से मोबाइल के जरिये राजीव और धीरज लोगों को फर्जी अधिकारी बनकर कॉल करते थे और उसे झांसे में लेकर शलारू द्वारा बताये गये. अकाउन्ट नम्बरों में रुपया जमा कराने का कहा जाता था।राजस्थान में गैंग अब तक करोडों रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया है. पूरे मामले में जयपुर सेन्ट्रल जेल की सुरक्षा पर भी सवालिया निशान लगा है. जहां मोबाइल के जरिये गेंग का संचालन किया जाता रहा है. बहरहाल कोतवाली पुलिस जयपुर जेल मे बन्द गैंग के सरगना राजीव और धीरज को प्रोडक्शन वारन्ट पर गिरफ्तार करने की तैयारी में है. इसके साथ ही प्रदेश के सभी थानों में ठगी से सम्बन्धित मामलों की जानकारी भी जुटायी जा रही है.

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