बर्ड फ्लू : पोल्ट्री फार्मों में एवियन इन्फ्लुएंजा के वर्तमान में बढते संक्रमण के दृष्टिगत उपायुक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए
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बर्ड फ्लू : पोल्ट्री फार्मों में एवियन इन्फ्लुएंजा के वर्तमान में बढते संक्रमण के दृष्टिगत उपायुक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Friday,15 January , 2021)

Palwal News, 15 January 2021 (bharatdarshannews.com) : उपायुक्त ने नरेश नरवाल ने बताया कि प्रदेश के कुछ जिलों व देश के विभिन्न हिस्सों में पोल्ट्री फार्मों में एवियन इन्फ्लुएंजा के वर्तमान में बढते संक्रमण के दृष्टिगत सावधानी बरतने के निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि आरवीए इन्फ्लुएंजा पक्षियों का एक अत्यधिक रोगजनक और संक्रामक वायरल रोग है जो पोल्ट्री, जंगली और घरेलू पक्षियों के बीच उच्च मृत्यु दर का कारण बनता है। एवियन इन्फ्लुएंजा को आमतौर पर बर्ड फ्लू के रूप में जाना जाता है जो एक जूनोटिक रोग है और यह मनुष्य को संक्रमित कर सकता है। इसलिए संभावना है कि राज्य के किसी भी हिस्से में इस बीमारी का कोई भी छिटपुट प्रकोप हो सकता है। उपायुक्त ने बताया कि इस बीमारी के प्रकोप के हानिकारक प्रभावों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने रोकथाम, नियंत्रण और कंटेनर एवियन इन्फ्लुएंजा (संशोधित 2021) के लिए एक कार्य योजना तैयार की है। कार्य योजना में जिला प्रशासन, विभिन्न सरकारी विभागों, पोल्ट्री किसान और आम जनता के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। राज्य के सभी जिलों में से किसी भी अन्य जिले में करनाल को छोडक़र मुर्गी पक्षियों की कोई असामान्य मृत्यु नहीं हुई है। इससे यह अनिवार्य हो जाता है कि हम असामान्य मृत्यु दर की किसी भी संभावित घटना के लिए और अधिक निगरानी सुनिश्चित करें। भारत सरकार द्वारा जारी एवियन इन्फ्लुएंजा के नियंत्रण के लिए विस्तृत कार्य योजना के साथ जंगली और पालतू पक्षियों दोनों में एवियन इन्फ्लुएंजा के प्रकोप के दौरान प्रदर्शन करने के लिए जिला प्रशासन की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का सारांश संशोधित-2021 में है। इसलिए उपायुक्त श्री नरवाल ने तदानुसार अत्यधिक सतर्कता बनाए रखने व आवश्यक निवारक सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि एवियन इन्फ्लुएंजा (एआई) की तैयारी और नियंत्रण एक बहु-विभागीय गतिविधि है, जिसमें समाज के सभी क्षेत्रों के लोग शामिल हैं। एवियन इन्फ्लुएंजा का मुकाबला करने के लिए तैयारियों और उपायों की निगरानी के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। इस विषय बारे पशुपालन और डेयरी विभाग के उप निदेशक अपने विचार रखने में एक प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। इसमें स्वास्थ्य, पशुपालन, पुलिस, पर्यावरण, वन, नगर निकायों और अन्य संबंधित विभागों के जिलाधिकारी शामिल होंगे। एवियन इन्फ्लुएंजा के नियंत्रण में निभाई जाने वाली भूमिका और जिम्मेदारियों को संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है। पशु अधिनियम 2009 में संक्रामक रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के तहत एवियन इन्फ्लुएंजा के लिए एसओपी लागू की गई है। जारी एसओपी हिदायतों के अनुसार ए.आई. के लिए दिन की निगरानी के दौरान ए.आई. पर जिलास्तरीय समिति की गतिविधियों की अध्यक्षता और निगरानी करना, जिले में ए.एल. के नियंत्रण और नियंत्रण के विभिन्न कार्यों में केंद्रीय समन्वय भूमिका निभाने, सभी संबंधित विभागों के बीच सूचना के आदान-प्रदान का विस्तार, कार्य योजना के माध्यम से विधायी शक्ति का कार्यान्वयन और निष्पादन करना, किसी भी प्रकोप का संदेह होने और पशुपालन विभाग के साथ समन्वय में उस क्षेत्र में जैव सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, संक्रमण के उपरिकेंद्र से वाहनों के आंदोलनों पर प्रतिबंध का कार्यान्वयन। संबंधित उच्च अधिकारियों को गतिविधियों की रिपोर्टिंग। व्यक्तियों और वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध। पोल्ट्री पक्षियों, फीड, कृषि आपूर्ति, खेत कर्मियों के पहलुओं आदि के आंदोलन नियंत्रण का प्रभाव।  ग्रामीणों की आसान पहचान और जागरूकता के लिए कलिंग और निगरानी क्षेत्र को बंद करना।  वाहन, उपकरण और संगरोध सहित जनशक्ति, वित्तीय, रसद सहायता की व्यवस्था। मुआवजे की व्यवस्था (भुगतान और सत्यापन) के लिए प्रबंधन।  किसी भी पोल्ट्री उत्पादों, फीड और किसी भी अन्य पोल्ट्री से संबंधित वस्तुओं की बिक्री पर प्रतिबंध और पोल्ट्री बैकयार्ड का मैला ढोना। एडवाइजरी जारी करना कि पोल्ट्री और अंडे को 70 डिग्री सेल्सियस और उससे अधिक पर पकाया जाना सुरक्षित है। सफाई और कीटाणुशोधन प्रक्रियाओं की निगरानी (नियंत्रण ऑपरेशन के तहत पोस्ट और क्षेत्र की जांच करें)। इस बीमारी के समाप्त होने तक कलिंग जोन में जीवित पक्षी के प्रजनन पर प्रतिबंध होना अनिवार्य है।

बर्ड फ्लू : पोल्ट्री फार्मों में एवियन इन्फ्लुएंजा के वर्तमान में बढते संक्रमण के दृष्टिगत उपायुक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए