नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्यों दूसरों के मुकाबले खास होगा?
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्यों दूसरों के मुकाबले खास होगा?
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Friday,18 December , 2020)

Noida News, 18 December 2020 (www.bharatdarshannews.com) : उत्तर प्रदेश के नोएडा को भी जल्द ही विश्वस्तरीय एयरपोर्ट मिलने वाला है. एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को लेकर काफी स्पीड से काम किया जा रहा है और जल्द ही नोएडा देश-विदेश से सीधे कनेक्ट हो जाएगा. अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा के इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लोगो, नाम और डिजाइन को भी स्वीकृति दे दी है और एयरपोर्ट के निर्माण के लिए कंपनियों से बातचीत भी अंतिम चरण पर है. वैसे तो आम आदमी के इस्तेमाल के लिए एयरपोर्ट बनने में वक्त है, लेकिन उससे पहले जानते हैं कि आखिर ये एयरपोर्ट कैसा है? साथ ही जानते हैं उन खासियतों के बारे में, जो इस एयरपोर्ट को अन्य हवाईअड्डों से खास बनाती है…

क्या है लेटेस्ट अपडेट?

योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लोगो, नाम और डिजाइन को अपनी स्वीकृति दी है. साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि ‘नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा’ दुनिया के बेहतरीन हवाई अड्डों में एक होगा और उत्तर प्रदेश सरकार इसे विश्वस्तरीय बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. साथ ही योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह हवाई अड्डा भारत का गौरव बनेगा और हम इसे एक वैश्विक ब्रांड के रूप में दुनिया के सामने पेश करेंगे।

हर साल कितने यात्री करेंगे सफर?

इस एयरपोर्ट को पूरी तरह से तैयार होने में काफी वक्त लगेगा, लेकिन यात्रियों के लिए फ्लाइटों का आवागमन जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा. इसका निर्माण चार चरणों में दिया जाएगा. सबसे पहले एयरपोर्ट की शुरुआती क्षमता 1.2 करोड़ यात्री हर साल के हिसाब से होगी, जिसे धीरे-धीरे बढ़ा दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि 2050 तक इसकी क्षमता को सात करोड़ यात्री प्रति साल तक दिया जाएगा. मिली जानकारी के मुताबिक जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरी तरह से डिजिटल होगा. इसके साथ ही यहां 2023 से उड़ान शुरू हो सकेंगी।

कैसा होगा एयरपोर्ट?

इस एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा और इसकी डिजाइन दुनिया के सबसे अच्छे एयरपोर्ट में से एक होगी. एयरपोर्ट का डिजाइन लंदन, मॉस्को और मिलान के विश्वप्रसिद्ध एयरपोर्ट की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है. हवाई अड्डे में शुरुआत में दो रन-वे होंगे, जिसे बढ़ाकर पांच रन-वे तक किया जाएगा. नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की स्थापना के लिए आवश्यक 1334 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही गौतम बुद्ध नगर प्रशासन की ओर से की गई है. साथ ही पुनर्वास व विस्थापन के लिए 48.097 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।

इन मामलों में अन्य एयरपोर्ट से है अलग?

अगर नोएडा एयरपोर्ट की देश के अन्य एयरपोर्ट से तुलना करें तो यह एयरपोर्ट कई मायनों में खास है. सबसे खास बात है इस एयरपोर्ट की डिजाइन. एयरपोर्ट की डिजाइन मॉडल पर खास ध्यान दिया गया है और यह भारत ही नहीं, दुनिया के सबसे खुबसूरत एयरपोर्ट में से एक होने वाला है. वहीं, भविष्य को देखते हुए अभी इसके लिए काफी बड़ी जमीन का अधिग्रहण किया गया है. इसके अलावा खास बात ये है कि इस एयरपोर्ट में ज्यादा से ज्यादा यात्रियों पर जोर दिया गया है यानी इस एयरपोर्ट पर काफी हेवी ट्रैफिक रहने वाला है।

क्या होगा नाम और लोगो?

इस हवाई अड्डे का नाम ‘नोएडा अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा, जेवर’ होगा, जबकि लोगो में राज्यीय पक्षी ‘सारस’ की छवि है. हवाई अड्डे के लोगो को भी खास तौर पर डिजाइन किया गया है और सारस को भी खास डिजाइन किया गया है. साथ ही सरकार का कहना है कि नोएडा अंतराराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेवर की स्थापना से उत्तर प्रदेश में औद्योगिक अवस्थापना का विकास होगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. साथ ही विनिर्माण एवं निर्यात को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही हवाई यातायात सुगम होगा।

आपके लिए है खास

यह एयरपोर्ट सिर्फ अपनी खासियत की वजह से ही खास नहीं है, बल्कि अन्य वजहों से भी खास होने वाला है. एक बात तो यह पूरी तरह डिजिटल होगा, जो सबसे हाइटेक बनाएगा और आसानी से यात्रा कर सकेंगे. इसके अलावा इसकी लोगों तक पहुंच काफी आसान होने वाली है. अगर सड़क मार्ग की बात करें तो यह यमुना एक्सप्रेस वे के करीब होगा और इसे भारत सरकार की हाई स्पीड रेल लाइन से भी जोड़े जाने की योजना है. इससे दिल्ली से लेकर नोएडा, जेवर, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी के लोग इससे कनेक्ट रहेंगे. साथ ही एक खास रोड़ से इसे इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से भी जोड़ा जाएगा ताकि इसकी दिल्ली एयरपोर्ट से भी पहुंच आसानी से हो सके।

औद्योगिक नगरी के विकास पर भी दिखाई देगा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी दिल्ली-वड़ोदरा-मुंबई एक्सप्रेस से करने की योजना है। इसके लिए सर्वे भी हो चुका है। फरीदाबाद में बाईपास को दिल्ली-वड़ोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे का हिस्सा बनाया जाएगा। इसलिए बाईपास को 12 लेन करने का काम शुरू हो चुका है। सेक्टर-64 के सामने बसे चंदावली गांव से सीधी सड़क कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेस वे तक बनाई जाएगी। इसी को आगे यमुना नदी पर पुल बनाकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक ले जाने की योजना है। इस कनेक्टिविटी का हिस्सा ताज एक्सप्रेस-वे भी बनेगा। इस तरह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आसपास के जिलों की बेहतर कनेक्टिविटी हो जाएगी। फरीदाबाद से सीधी कनेक्टिविटी होने का लाभ पलवल, गुरुग्राम व रेवाड़ी को भी होगा। बता दें इस बारे में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भी प्रदेश सरकार से बातचीत जारी है। जल्द योजना को हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। बता दें निर्माणाधीन मंझावली पुल से भी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी दिए जाने की योजना है।  इस योजना के अनुसार कुल 31 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जानी है। इसमे 24 किलोमीटर हरियाणा तो शेष हिस्सा उत्तर प्रदेश में बनेगा। लोक निर्माण विभाग की ओर से भी बाईपास से कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेस-वे से कनेक्टिविटी की योजना बनाई गई है। यह मार्ग आगरा नहर किनारे बसे हुए चंदावली गांव से शुरू होगा। चंदावली गांव के आगे आगरा नहर और फिर बाईपास है। एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी होने का सीधा असर औद्योगिक नगरी के विकास पर भी दिखाई देगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शहर की कनेक्टिविटी की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार से बातचीत चल रही है। यह कनेक्टिविटी होना बेहद अहम है। इससे कई जिलों के लोगों का आवागमन सुगम हो जाएगा। कनेक्टिविटी औद्योगिक नगरी के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उधर, मंझावली पुल का निर्माण पूरा होने के बाद भी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी होगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्यों दूसरों के मुकाबले खास होगा?