खोरी में की गई तोडफ़ोड़ की कार्यवाही दुर्भाग्यपूर्ण : गौरव चौधरी
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FARIDABAD

खोरी में की गई तोडफ़ोड़ की कार्यवाही दुर्भाग्यपूर्ण : गौरव चौधरी
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Monday,14 September , 2020)

ऐसे मामलों में भ्रष्ट अधिकारियों एवं भू माफियाओं पर भी हो सख्त कार्यवाही 

Faridabad News, 14 September 2020 (bharatdarshannews.com) : फरीदाबाद प्रशासन द्वारा गांव खोरी में बड़े पैमाने पर की गई तोडफ़ोड़ की कार्यवाही को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए युवा नेता गौरव चौधरी ने कहा कि उजाडऩे की बजाय लोगों को बसाने का काम करे भाजपा सरकार। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आज बड़े स्तर पर खोरी में तोडफ़ोड़ तो की जा रही है, मगर क्या इसमें भाजपा सरकार एवं प्रशासन की कमी नहीं है। कोरोना काल में लोग जहां पहले से ही बेरोजगारी एवं मंदी की मार झेल रहे हैं, ऐसे में उनके रहने का एकमात्र साया छत भी प्रशासन ने छीन ली है। भाजपा सरकार लोगों को राहत देने की बजाय उनको बर्बाद करने पर तुली है। श्री चौधरी ने कहा कि सरकार को अपनी नीतियों में परिवर्तन करना चाहिए, ताकि इस तरह की नौबत ही न आए। गरीब आदमी अपनी एक-एक पाई एकत्रित कर मकान खरीदता है और जब वही मकान टूटता है, तो आप सोच सकते हैं कि ऐसे में आम आदमी पर क्या बीतती है। गौरव चौधरी ने कहा कि ऐसे मामले में उन भ्रष्ट अधिकारियों, जिनके समय में ये निर्माण हुए और उन भू माफियाओं जिन्होंने लाखों के वारे-न्यार किए पर भी सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निगम अधिकारी पहले तो भू माफियाओं के साथ मिली भगत करके गरीबों को मकान एवं जमीन बेचते हैं और उसके बाद गरीब लोगों के आशियाने उजाड़े जाते हैं। गौरव चौधरी ने तोडफ़ोड़ की इस कार्यवाही को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार कोई वैकल्पिक व्यवस्था करे, उसके बाद इन लोगों को यहां से हटाए। उन्होंने सैक्टर-4 आर झुग्गियोंं में स्टे के बावजूद तोडफ़ोड़ की कार्यवाही को भी प्रशासन की तानाशाही बताया और कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार गरीब, मजदूर एवं किसान विरोधी है। सभी वर्ग भाजपा सरकार से प्रताडि़त हैं और इससे जल्द छुटकारा चाहते हैं। युवा नेता ने फरीदाबाद नगर निगम को भ्रष्टाचार का अड्डा बताते हुए कहा कि इसमें 26 अन्य गांवों के शामिल होने के बाद उनको भी बेड़ा गर्क होना तय है। इसलिए 26 गांवों के लोग नगर निगम में जाना ही नहीं चाहते। फरीदाबाद नगर निगम में भ्रष्टाचार के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं और अंत में उनको छिपाने के लिए कार्यालय में आग तक लगाई जाती है और सरकार मूक दर्शक बनी बैठी है। उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि आने वाले नगर निगम चुनावों के मदद्ेनजर रखते हुए 26 गांवों को नगर निगम में शामिल करने का फैसला लिया गया है।

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