केंद्र सरकार ने पबजी समेत 118 मोबाइल ऐप्स को कर दिया बैन
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केंद्र सरकार ने पबजी समेत 118 मोबाइल ऐप्स को कर दिया बैन
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Wednesday,02 September , 2020)

New Delhi  News, 02 September 2020 (bharatdarshannews.com) : भारत-चीन के बीच सीमा पर लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को एक और अहम फैसला लिया है। सरकार ने चीन पर तीसरी डिजिटल स्ट्राइक करते हुए दुनियाभर में लोकप्रिय गेमिंग ऐप पबजी समेत 118 मोबाइल ऐप्स को बैन कर दिया है। इससे पहले भी सरकार कई चीनी कंपनियों की ऐप को बन कर चुकी है। सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने प्रतिबंधित की गईं ऐप्स को देश की सुरक्षा, संप्रभुता, एकता के लिए नुकसानदेह बताया है। ऐप्स को बैन किए जाने की जानकारी देते हुए आईटी मंत्रालय ने कहा, कि सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69-ए के तहत इस फैसले को लागू किया है। ये सभी 118 मोबाइल ऐप्स विभिन्न प्रकार के खतरे उत्पन्न कर रही थीं, जिसके चलते इन्हें ब्लॉक किया गया है। मंत्रालय ने आगे कहा कि उपलब्ध जानकारी के मद्देनजर ये ऐप्स ऐसी गतिविधियों में लगे हुए हैं, जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, सुरक्षा के लिए नुकसानदायक है। सरकार ने जिन 118 मोबाइल ऐप्स को बैन किया है, उनमें APUS लॉन्चर प्रो थीम, APUS सिक्योरिटी-एंटीवायरस, APUS टर्बो क्लीनर 2020, शाओमी की शेयर सेव, फेसयू, कट कट, बायडु, कैमकार्ड शामिल हैं। इसके अलावा, वीचौट रीडिंग, पिटू, इन नोट, स्मॉल क्यू ब्रश, साइबर हंटर, लाइफ आफ्टर आदि ऐप्स भी शामिल हैं। मंत्रालय ने आगे कहा कि सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय को विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें चोरी के लिए एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप के दुरुपयोग और यूजर्स के डेटा का गलत इस्तेमाल शामिल है। आईटी मंत्रालय ने कहा कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र, गृह मंत्रालय ने भी इन ऐप्स को ब्लॉक करने के लिए एक विस्तृत सिफारिश भेजी है। भारत की संप्रभुता के साथ-साथ हमारे नागरिकों की गोपनीयता को नुकसान पहुंचाने वाले ऐप्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला लिया गया है। सबसे पहले जून के अंत में भारत सरकार ने चीन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 59 चाइनीज चीनी मोबाइल एप्स को बैन किया था। इन ऐप्स में टिकटॉक, शेयर इट, यूसी ब्राउजर, हेलो, विगो, जैसे ऐप शामिल थीं। इसके बाद, अगले महीने में सरकार ने 47 और चीनी मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस तरह बुधवार को लिए गए फैसले से पहले सरकार 106 चीनी ऐप्स को बैन कर चुकी थी। गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर मई महीने की शुरुआत से ही तनाव की स्थिति बरकरार है। इस तनाव में बढ़ोतरी तब हुई थी, जब जून के मध्य में दोनों देशों के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हिंसक झड़प हो गई थी। इस झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे, जबकि कई चीनी सैनिक भी मारे गए थे। वहीं, पिछले महीने फिर से चीनी सैनिकों ने उकसावेपूर्ण कार्रवाई की थी।

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