कोरोना से डरने की नहीं अपितु लडऩे की है जरुरत : डा. ब्रह्मदीप
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कोरोना से डरने की नहीं अपितु लडऩे की है जरुरत : डा. ब्रह्मदीप
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Wednesday,05 August , 2020)

Palwal News 05 August 2020 (bharatdarshannews.com) : सिविल सर्जन डा. ब्रह्मदीप ने जानकारी देते हुए बताया कि अगर कोई भी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव आता है तो उसके कांटेक्ट को भी ट्रेस किया जाता है। इसके आलवा एंटीजन टेस्टिंग भी इस अभियान के दौरान लगातार किया जा रहा है। पलवल जिले में अभी तक 17 हजार से ज्यादा टेस्ट हो चुके है, जो लोग इनमें से पॉजिटिव से मिल रहे है या वह लोग जिनमें बहुत कम लक्षण दिखाई देते है। उन्हें सरकार की गाइडलाइन्स के अनुसार घर में ही होम आइसोलेट किया जा रहा है और दिन में दो बार हमारे चिकित्सक की टीम कांटेक्ट में रहती है। सिविल सर्जन डा. ब्रह्मदीप ने बताया कि हमारे जिले में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों में लगातार एंटीजन टेस्टिंग चल रही है और वॉलनरेबल सर्वे किया गया है, जिसमे 6 हजार 500 बीमार व कमजोर लोगों को आइडेंटिफाई किया गया ताकि उनको कोविड संक्रमण से बचाया जा सके और पुलिस विभाग के माध्यम से फ्रीक्वेंट ट्रैवलर को आइडेंटिफाई किया गया है तथा उन्हें कहा गया है कि वे हफ्ते में अपनी जांच कराएं ताकि उनके साथ-साथ उनका परिवार भी सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा की हम खुद जागरूक होकर मास्क का प्रयोग करें व समय-समय पर हाथ धोएं और जब जरुरी हो तभी घर से बाहर निकले। किसी के भी संपर्क में आने से बचें। सिविल सर्जन ने कहा कि अस्सी प्रतिशत से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज आसानी से घर पर ही रहकर रोग-मुक्त हो सकते है। यदि आपके घर या पड़ोस में कोई कोरोना संक्रमित मरीज है तो घबराएं नहीं। अस्सी प्रतिशत से अधिक कोरोना मरीजों में लक्षण लगभग न के बराबर होते है। ऐसे मरीज अपने घर पर ही आसानी से ठीक हो सकते है। अधिक जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट WWW.HARYANHEALTH.GOV.IN पर जाएं।
इनके लिए है गृह एकांतवास
जिन मरीजों के घर पर विशेषकर उनके लिए अलग कमरा हो तथा परिवार के अन्य सदस्यों के रहने के लिए अलग सुविधा हो। मरीजों की देखभाल करने वाला व अन्य नजदीकी संपर्क में आने वाले व्यक्ति हाइड्रोक्लोरोक्वीन दवाई का चिकित्सकीय सलाह से सेवन कर सकें। जो मरीज अपने मोबाइल फोन पर आरोग्य-सेतु एप का इस्तेमाल कर सकें। जो मरीज अंडरटेकिंग देने के लिए तैयार हो कि वह घर पर रहने के दौरान स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन के सभी दिशा-निर्देश का पालन करेंगे।
कब समाप्त करें गृह एकांतवास
लक्षण शुरू होने से 17वें दिन के बाद जबकि पिछले दस दिन में बुखार न हुआ हो और दसवे दिन दी गई आरटी-पीसीआर जांच में कोरोना रहित हो।
कब करें स्वास्थ्यकर्मी से संपर्क
जब भी बुखार हो या सांस लेने में कठिनाई, छाती में दर्द या दवाब, मानसिक असमंजस, चेहरे या होठो पर नीलिमा इत्यादि की शिकायत हो।
मरीज के लिए निर्देश
हमेशा ट्रिपल लेयर मास्क पहने व हर आठ घंटे में इसे बदलें। मास्क को गीला होने पर तुरंत बदले व 1 प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइट घोल में धोकर निस्तारण करें। एकांतवास के अंत तक अपने कमरे में ही रहें। अपना निजी शौचालय ही इस्तेमाल करें। नियमित गर्म पानी व चाय एवं पौष्टिक तथा संतुलित भोजन ही खाएं। छींकते या खांसते समय रुमाल व कोहनी का इस्तेमाल करें। अपने हाथ नियमित रूप से साबुन-पानी या अल्कोहल युक्त सेनेटाइजर से साफ करें। रोगी अपने कमरे में ही भोजन करे। अपने बर्तन, बिस्तर व तौलिया आदि अलग रखें। मदिरा सेवन व ध्रुमपान से बचें। अपना मोबाइल फोन भी अलग रखें। मरीज के लिए दवाईयां डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
1.    Tablet Vitamin C : Once Daily

2.    Tablet B-Complex : Once Daily

3.    Tablet Paracetamol : When fever / bodyache

4.    Tablet Cetrizine : When Cough / Cold

5.    Tablet Azithromycin : When Cough

स्वयं स्वास्थ्य जांच का तरीकाहर सुबह और रात या जब कभी भी बुखार महसूस हो तो तुरंत स्वास्थ्य परीक्षण करे और थर्मामीटर से चेक करें। यदि आपके शरीर का तापमान 100 फेरेनाइट (37.8 सेल्सियस) से अधिक है या आपकी पल्स दर 100 बीट प्रति मिनट से अधिक है तो तुरंत स्वास्थ्यकर्मी से संपर्क करें।देखभाल करने वालों के लिए निर्देशबीमार व्यक्ति के पास हो तो ट्रिपल लेयर मास्क पहनें। मास्क के सामने वाले हिस्से को न छुएं। यदि स्त्राव के साथ मास्क गीला हो जाता है तो इसे तुरंत बदले। उपयोग के बाद मास्क को त्यागे ओर मास्क के निपटान के बाद हाथों को अच्छी तरफ साफ करें। अपना चेहरा, नाक या मुंह छुने से बचना चाहिए। बीमार व्यक्ति या उसके तत्कालिक के संपर्क के बाद कम से कम 40 सेकेंड तक हाथ धोने चाहिए। खाना बनाने, खाने व शौचालय जाने से पहले व बाद में हाथ अच्छी तरफ से साबुन व पानी से साफ करें। हाथ सुखाने के लिए डिस्पोजेबल पेपर तौलिए का उपयोग करे या साफ तौलिए का प्रयोग करें व गीला होने के बाद तौलिए को बदल दें। रोगी को संभालते समय डिस्पोजेबल दस्ताने का उपयोग करे। दस्ताने हटाने से पहले व बाद में हाथ की सफाई करें। रोगी के बर्तन को दस्ताने पहनकर साबुन और डिटर्जेंट व पानी से साफ करें। देखभाल करने वाला व्यक्ति सुनिश्चित करेगा कि रोगी निर्धारित उपचार का पालन कर रहा है। कोविड मरीज के पड़ोसियों के लिए निर्देश  सीढियों और लिफ्ट बटन आदि व हाथ की रेलिंग जैसे अक्सर छुआ जाने वाले स्थानों पर विशेष ध्यान दे, उन्हें सीधे छूने से बचें। जहां तक संभव हो होम आइसोलेशन के मरीज से समय-समय पर फोन पर बात कर उनके मनोबल को बढाएं। मरीज से उचित दूरी बनाए रखे और ध्यान दे कि बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं विशेष रूप से मरीजों से दूरी बनाए रखें।याद रखें लड़ाई बीमारी के खिलाफ है बीमार से नहीं। रोगी या उनके परिवार के सदस्यों के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी का कारण न बनें। मरीज की तब तक सहायता करे जब तक कि वे ठीक न हो जाएं। यदि उन्हें किसी आवश्यक वस्तु जैसे दवा, राशन, सब्जी आदि की आवश्यकता होती है तो उनके घर के दरवाजे के बाहर वस्तुओं को छोडक़र उनकी मदद करें। किसी भी सहायता के लिए पलवल जिले की कोरोना हेल्पलाइन सेवा 1950, 100, 108, 7027840481, 01275240022 पर संपर्क किया जा सकता है।

कोरोना से डरने की नहीं अपितु लडऩे की है जरुरत : डा. ब्रह्मदीप