कोरोना वायरस से मरने वाले लेागों का अंतिम संस्कार निकाऔ के सफाई कर्मचारियों द्वारा करने के फैसले पर पुन विचार करे हरियाणा सरकार : नरेश शास्त्री
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FARIDABAD

कोरोना वायरस से मरने वाले लेागों का अंतिम संस्कार निकाऔ के सफाई कर्मचारियों द्वारा करने के फैसले पर पुन विचार करे हरियाणा सरकार : नरेश शास्त्री
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Tuesday,07 April , 2020)

Faridabad News, 07 April 2020 (bharatdarshannews.com) : हरियाणा सरकार द्वारा कोरोना वायरस से मरने वालों का अंतिम संस्कार शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि हिन्दुओं की अंत्येष्टी शमशान घाट व मुसलमानों की अंत्येष्टी कब्रिस्तान में की जाएगी। सरकार के निर्णय अनुसार प्रदेश की पालिका, परिषदों एवं निगमों के सफाई कर्मचारियों की आइसोलेशन वार्डों में सफाई व मरीजों की देखभाल करने,तथा क्वारंटाइन में रखे गए संदिग्ध मरीजों के घरों से कूड़ा उठाने की भी ड्यूटी लगाई गई हैं, जबकि इन कर्मचारियों को कोरोना वायरस से बचाव की जानकारी नहीं है और न ही इनके पास सुरक्षा उपकरण हैं। इस कार्य को करने से न केवल सफाई कर्मचारियों बल्कि उनके परिवारों को भी संक्रमित होने की संभावना है। नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के प्रांतीय अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया  में फैली इस महामारी में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के कर्मचारी दिन-रात बिना सेफ्टी उपकरणों के जनता की सेवा में जुटे हुए हैं। मगर, दुखद विषय यह है कि सरकार इन कर्मचारियों की तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है।  श्री शास्त्री ने कहा  कि पालिका, परिषदों व निगमों में 30 प्रतिशत नियमित एवं 70 प्रतिशत ठेका प्रथा, आऊटसोर्सिंग का कर्मचारी है, जो बहुत कम वेतन प्राप्त करता है। यदि कोरोना वायरस से कर्मचारी ग्रस्त होता है तो इनके पूरा परिवार में संक्रमण फैलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व उप महासचिव सुनील चिंडालिया ने सरकार से मांग की, कि पालिका, परिषदों व निगमो के कर्मचारियों को भी मनुष्य का दर्जा दे और इनके साथ किसी प्रकार का भेदभाव न किया जाए। कोरोना वायरस से मरने वाले लोगों की अंत्येष्टी, आइसोलेशन वार्डों में व क्वारंटाइन अवधि में रखे गए मरीजों के कूड़े उठाने के निर्णय पर रोक लगाई जाए। सैनिकों की तरह कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे पालिका, परिषदों व निगमों केे कर्मचारियों का एक करोड़ रुपए का बीमा करवाया जाए। कोरोना वायरस से मृत्यु होने पर कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दिया जाए तथा मृतक कर्मचारी के एक आश्रित को नियमित रोजगार दिया जाए। कोरोना वायरस से उत्पन्न वैश्विक महामारी को मद्देनजर रखते हुए पालिका, परिषदों व निगमों में क्षेत्रफल एवं आबादी के अनुपात में सफाई कर्मचारियों व सीवरमैनों की संख्या काफी कम है। संघ मांग करता है कि प्रदेश के नगर निगमों में फरीदाबाद के 1000 सफाई कर्मचारी व 500 सीवरमैन, गुरूग्राम 1000 सफाई कर्मचारी व 500 सीवरमैन तथा रोहतक, हिसार, सोनीपत, पानीपत, करनाल, अम्बाला, यमुनानगर व पंचकुला में 500-500 सफाई कर्मचारी नियुक्त किए जाएं ताकि प्रदेश में सफाई का कार्य बेहतर तरीके से हो सके। नगरपालिका कर्मचारी संघ ने कहा है कि कोरोना वायरस से मरने वालों का अंतिम संस्कार शहरी स्थानीय निकाय विभाग के सफाई कर्मचारियों द्वारा करने, क्वारंटाइन एवं आइसोलेशन वार्डों में सफाई करने एवं कूड़ा उठाने के निर्णय पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए। सरकार ने 2018 में इस पर रोक लगा दी थी कि नगरपालिका कर्मचारी लावारिश लाशों का दाह संस्कार नहीं करेंगे। इस अवसर पर नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के जिला प्रधान गुरचरण खांड्या, जिला सचिव नानक खैरालिया, सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह बालवीर बालगौहर, सीवर मैन यूनियन के प्रधान सुभाष फैटमार, श्रीननद ढाकोलिया आदि उपस्थित थे

 

 

कोरोना वायरस से मरने वाले लेागों का अंतिम संस्कार निकाऔ के सफाई कर्मचारियों द्वारा करने के फैसले पर पुन विचार करे हरियाणा सरकार : नरेश शास्त्री