कोवड-19 : काम करने वाले परिवारों के लिए अधिक सहायता की आवश्यकता : डॉ. पीया रेबेलो ब्रिटो
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DELHI/NCR

कोवड-19 : काम करने वाले परिवारों के लिए अधिक सहायता की आवश्यकता : डॉ. पीया रेबेलो ब्रिटो
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Tuesday,07 April , 2020)

New Delhi News, 07 April 2020 (bharatdarshannews.com) : यूनिसेफ तथा आईएलओ ने आज कहा है कि अब चूंकि कोविड-19 नामक महामारी का जबरदस्त तरीके से प्रसार हो रहा है, इसलिए आवश्यक है कि बच्चों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए काम करने वाले परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जाए। आज नौकरियां जा रही हैं, विद्यालय बंद हैं तथा बच्चों की देखभाल की सेवाओं की अनुपलब्धता के चलते परिवारों, विशेषत: कम आय वर्ग के परिवार, को अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है यूनिसेफ के चीफ ऑफ अर्ली चाइल्डहुड डॉ. पीया रेबेलो ब्रिटो का कहना है कि, “इस महामारी के परिणामस्वरूप जाने वाली नौकरियों, लंबे समय तक चलने वाले दबाब तथा मानसिक स्वास्थ्य में आने वाली गिरावट का असर परिवार लंबे समय तक महसूस करेंगे।” उनका कहना है कि, “संकटग्रस्त अधिकांश बच्चों के मामले में पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा प्रणाली का अभाव है, जिसकी वजह से उनका संकट के प्रति जोखिम बहुत ज्यादा है।” भारत में यूनिसेफ की प्रतिनिधि डॉ. यास्मिन अली हक का कहना है, “यूनिसेफ इंडिया कार्यस्थल में परिवार के अनुकूल नीतियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बात के व्यापक प्रमाण हैं कि अत्यंत चुनौतीपूर्ण और कठिन समय में, कर्मचारियों और उनके परिवारों और समुदायों के कल्याण के लिए किए गए निवेश का व्यवसायों की सफलता पर आगे जाकर बड़ा ही सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इन कठिन परिस्थियों में हम निजी क्षेत्र में अपने साझेदारों के साथ मिलकर ऐसी नीतियों और प्रथाओं को बढ़ावा देनेके लिए काम कर रहे हैं जो कर्मचारियों और/या श्रमिकों को अधिक आसानी से कार्य-जीवन में संतुलन बनाने के साथ उन्हें अपने काम और पारिवारिक दायित्वों दोनों को पूरा करने में सक्षम बना सकें।” यूनिसेफ ने आज जारी अपनी नई प्राथमिक अनुशंसाओं में नियोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे अपने कारोबारी निर्णयों का उनके कामगारों के परिवारों पर पड़ने वाले प्रभाव पर विचार करें एवं जहां तक संभव हो सामाजिक सुरक्षा को सहायता प्रदान करें। यूनिसेफ तथा आईएलओ ने सरकारों से आह्वान किया है कि वे विशेषत: संकटग्रस्त परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा के उपायों को को और अधिक मजबूती प्रदान करें। सरकारें नियोक्ताओं को सहायता प्रदान करें ताकि वे अपने कर्मचारियों को रोजगार तथा आय दे सकें साथ ही जिनकी नौकरी चली गई है उन्हें वित्तीय सहायता संबंधी गारंटी दे सकें।  मेनुएला टोमेई, आईएलओ की डायरेक्टर ऑफ कंडीशन ऑफ वर्क एंड इक्वलिटी डिपार्टमेंट, का कहना है, “सरकारों, कामगारों तथा नियाक्ताओं एवं उनके प्रतिनिधियों के बीच सामाजिक संवाद एवं विचार-विमर्श आवश्यक है। यदि इन उत्तरों को प्रभावी तथा लंबे समय तक चलने वाला बनना है तो आवश्यक है कि ये आपसी विश्वास तथा वृहद अनुभव पर आधारित हों।”  परिवारों के अनुकूल नीतियां तथा प्रथाएं, जिनमें रोजगार एवं आय की सुरक्षा, परिवार के सदस्यों के लिए सवेतन छुट्टी, कार्य करने की लचीली व्यवस्थाएं तथा गुणवत्ता तक पहुंच, बच्चों की देखभाल की आपातकालीन सुविधाएं परिवर्तन लाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इससे कामगार अपने स्वयं की तथा अपने बच्चों की देखभाल करने में सक्षम होंगे एवं कामगारों की उत्पादकता और सुरक्षा का भाव बढ़ेगा।

कोविड-19 की वजह से उत्पन्न होने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए नियोक्ताओं के लिए आरंभिक अनुशंसाएं इस प्रकार हैं:- 

स्थानीय तथा राष्ट्रीय प्राधिकारियों द्वारा दी जाने वाली सूचनाओं पर निगरानी रखें तथा इन्हें फॉलो करें एवं महत्वपूर्ण सूचना को अपने कामगारों तक पहुंचाएं। इस बात का मूल्यांकन करें कि क्या कार्य स्थल संबंधी वर्तमान नीतियां कामगारों एवं उनके परिवारों को सहायता देने के लिए पर्याप्त हैं। जब वर्तमान या नवीन नीतियों का कार्यान्वयन करना हो तो ध्यान रखें कि ये सामाजिक संवाद, राष्ट्रीय श्रम कानूनों तथा अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों पर आधारित हो तथा सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू करें। यह सुनिश्चित करें कि बिना किसी भेदभाव के सभी कामगार कार्य स्थल सहायता उपायों के पात्र हों तथा सभी कामगार इनके बारे में जानते हों, इन्हें समझते हों तथा इनका उपयोग करते समय वे सहज महसूस करें। प्रशिक्षण के ज़रिए कार्य स्थल किसी को हर तरह के भेदभाव तथा सामाजिक कलंक से मुक्त बनाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि रिपोर्टिंग प्रणाली गोपनीय एवं सुरक्षित हो। कामगार कैसे तथा कहां से अपने कार्य संबंधी उत्तरदायित्वों को पूरा कर सकते हैं, इस संबंध में अधिक स्वतंत्रता देने के लिए काम करने के लिए परिवारों के अनुकूल व्यवस्थाएं लागू की जाएं।यदि कार्य करने की लोचदार व्यवस्था करना संभव न हो तो काम करने वाले माता-पिता को वैकल्पिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, इसमें बच्चों की देखभाल करने जैसी सुविधा शामिल हो सकती है। काम करने वाले माता-पिता को सहायता उपलब्ध कराने के लिए कोविड-19 के संदर्भ में बच्चों की देखभाल के लिए सुरक्षित एवं उचित विकल्प दिए जाएं।  सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के पेशेवर उपायों को मजबूती प्रदान करते हुए कार्य स्थल के जोखिमों को रोका जाए एवं इन जोखिमों को दूर किया जाए। सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के पेशेवर उपायों तथा साफ-सफाई की प्रथाओं पर मार्गदर्शन तथा प्रशिक्षण दिया जाए। यदि किसी कामगार को बुखार, खांसी हो तथा सांस लेने में परेशानी हो तो उसे प्रोत्साहित किया जाए कि वह समुचित चिकित्सा सहायता ले। कोविड-19 के प्रसार के दौरान कर्मचारियों को तनाव का सामना करने के लिए सहायता दी जाए। आईएलओ सामाजिक सुरक्षा (न्यूनतम मानक) संधि 102 तथा आईएलओ सामाजिक सुरक्षा मंच अनुशंसा सं. 202 के अनुरूप सरकारी सामाजिक सुरक्षा उपायों को समर्थन दिया जाए। उदाहरण के लिए कंपनी की सहायता में स्वास्थ्य सेवाएं लेने के लिए कामगार को सब्सिडी देना, रोजगार तथा काम न कर पाने की स्थिति के लिए कार्य संबंधी बीमा को शामिल किया जा सकता है एवं एवं इन सुविधाओं को औपचारिक क्षेत्र के कामगारों को भी देना चाहिए।

कोवड-19 : काम करने वाले परिवारों के लिए अधिक सहायता की आवश्यकता : डॉ. पीया रेबेलो ब्रिटो