देवउठनी एकादशी आज, जानें अब कब-कब शुभ मुहुर्त, व्रत रखने के क्‍या हैं फायदे
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देवउठनी एकादशी आज, जानें अब कब-कब शुभ मुहुर्त, व्रत रखने के क्‍या हैं फायदे
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Friday,08 November , 2019)

Delhi News,08 Nov 2019 (dainikkhabre.in) :8 नवंबर को देवउठनी ग्यारस यानि एकादशी के साथ ही शहर में शहनाइयां गूंजने का दौर शुरू हो जाएगा। देवउठनी ग्यारस को अबूझ सावा माना जाता है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार दिवाली के बाद कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी पर श्रीहरि जाग जाते हैं। एकादशी पर देव उठते है, इसलिए इसे देवउठनी एकादशी कहा जाता है। देवउठनी एकादशी को छोटी दिवाली के रूप में भी मनाया जाता है।

दो महीनों में होंगे 15 सावे

8 नवंबर को देवउठनी ग्यारस के साथ ही शहनाइयां गूंजने का दौर शुरू हो जाएगा। यह दिसंबर तक चलेगा । इन दो महीनों में 15 सावे हैं, इनमें शादियों की धूम रहेंगी। नवंबर माह में नौ और दिसंबर माह में छह सावे हैं। देवउठनी ग्यारस पर भी अनेक शादी समारोह है। शहर के विभिन्न रिसोर्ट, धर्मशालाएं व मैरिज पैलेस बुक है। शादी समारोह को लेकर घोडिय़ां, बैंड बाजों व फूल विक्रेताओं की खूब चांदी है। विवाह के सीजन में ब्यूटी पार्लर का सीजन भी चमक उठा है। देवउठनी ग्यारस के अलावा  22 नवंबर को दशमी के दिन शहर में काफी शादियां होने जा रही हैं।

शादी विवाह के सीजन से चमक उठे बाजार

दिवाली त्योहार के बाद एक बार फिर बाजार में मंदी आ गई थी। परंतु देवउठनी ग्यारस से शुरू होने वाले विवाह समारोहों को लेकर बाजार में फिर से तेजी आने की संभावना है। शादी समारोह को लेकर साडिय़ों, रेडिमेड कपड़ों के साथ साथ गहनों की खरीदारी हो रही है। दिसंबर माह तक चलने वाले शादी के सीजन के चलते बाजार में तेजी आनी तय है।

व्रत रखने का अश्‍वमेघ करने जैसा फल

सत्यनारायण मंदिर के पुजारी गौतम शर्मा ने बताया कि देव उठनी एकादशी के बारे में कहा जाता है कि इसका उपवास कर लेने से व्यक्ति को हजार अश्वमेध एवं सौ राजसूय यज्ञ करने के बराबर फल मिलता है। पितृदोष से पीडि़त लोगों को भी अपने पितरों की आत्मशांति के लिए देव उठनी एकादशी का व्रत जरूर करना चाहिए। देवउठनी ग्यारस पर तुलसी विवाह का भी विशेष महत्व है। मंदिरों में आठ नवंबर को शाम के समय तुलसी विवाह होगा। तुलसी व शालिग्राम की शादी होगी। ऐसा माना जाता है कि ये अच्छा योग होता है। विवाह में जो भी अड़चनें होती हैं वो दूर हो जाती हैं और विवाह के लिए अच्छा योग बन जाता है।

इन तिथियों को रहेगी शादियों की धूम

8 नवंबर, 18 नवंबर, 19 नवंबर,  20 नवंबर,  21 नवंबर, 22 नवंबर, 23 नवंबर,  28 नवंबर,  30 नवंबर, 

1 दिसंबर, 5 दिसंबर, 6 दिसंबर, 7 दिसंबर, 11 दिसंबर, 12 दिसंबर

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