सट्टे के दम कोई अगर राजनीति करेगा तो क्या जनता का भला होगा? 
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FARIDABAD

सट्टे के दम कोई अगर राजनीति करेगा तो क्या जनता का भला होगा? 
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Friday,18 October , 2019)

JB Sharma/Faridabad News, 18 October 2019 :  यह तो ठीक है कि भारत में राजनीति का स्तर काफी हद गिर चुका है। लेकिन यह स्तर इतना गिर चुका है कि बड़े राजनीतिक दलों के उमींदवारों पर सट्टे बाजों का जादू भी चलने लगा है। सट्टे से जुड़ा एक ऑडियों एन.आई.टी विधानसभा 86 से वॉयरल हो चुका है। जिसमें सट्टे बाजी की बात कही जा रही है। हालांकि सिर्फ उस ऑडियों के बिना पर सट्टे बाजी की बात को पुख्ता मानना थोड़ी जल्द बाजी होगी लेकिन सट्टे बाजों को रंगे हाथ पकडऩा पहली जिम्मेवारी पुलिस प्रशासन की होती है वहीं अगर चुनाव आयोग की बात करें तो क्या कैसे मान लिया जाये कि  सट्टे वाली बात वाला ऑडियों जो वॉयरल हो चुका है और चुनाव अयोग तक उक्त ऑडियो नहीं पहुंचा होगा कैसे मान लिया जाए?

  ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जहां एक ओर कुछ देश का राजनीतिक स्तर गर्त में जा रहा हो वहीं अगर जिला स्तरीय राजनीति में भी अगर सामाजिक मर्यादों की खुलेआम अनदेखी की जाये और नैतिक गिरवाट इस हद आ जाए कि विधानसभा चुनावों में उमींदवारों पर सट्टे लगना शुरू हो जाए तो कैसे मान लें कि भारत-डिजिटल इण्डिया बन चुका है या बनने जा रहा है? और कैसे मानलें कि अपना भारत भविष्य में जगत-गुरु कहलाने वाला है?

सट्टे के दम कोई अगर राजनीति करेगा तो क्या जनता का भला होगा?