विधान सभा चुनाव में पेड न्यूज पर निर्वाचन आयोग की कड़ी नजर
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FARIDABAD

विधान सभा चुनाव में पेड न्यूज पर निर्वाचन आयोग की कड़ी नजर
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Monday,16 September , 2019)

Faridabad News, 16 Sep 2019 : भारत निर्वाचन आयोग के महानिदेशक धीरेंद्र ओझा ने सोमवार को दोपहर बाद  वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते  हुए कहा कि सम्भावित विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की पेड न्यूज पर कड़ी नजर रखें। यदि पेड न्यूज का कोई मामला संज्ञान में आता है, तो उस पर त्वरित कार्रवाई करना सुनिश्चित करें ।  निर्वाचन आयोग के महानिदेशक  ओझा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और  साथ एमसीएमसी कमेटी (मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी) के कार्यों व जिम्मेदारियों पर चर्चा करके दिशा-निर्देश दे रहे थे।उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए सभी जिलों में जिला स्तरीय एमसीएमसी कमेटियां गठित की जाएं जो प्रिंट , इलेक्ट्रोनिक  व सोशल मीडिया पर प्रकाशित व प्रसारित होने वाले विज्ञापनों व पेड न्यूज पर कङी  नजर रखें तथा इनका खर्च एक्सपेंडिचर कमेटी के माध्यम से प्रत्याशियों के खातों में बुक करवाएंगी। इसके साथ ही ऐसे मामलों की सूचना चुनाव आयोग को भी दे। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी द्वारा चुनाव में किसी भी प्रकार के विज्ञापन की पूर्व अनुमति एमसीएमसी कमेटी द्वारा ली जानी अनिवार्य है।उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में किसी प्रत्याशी द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए और अपना चुनाव खर्च छिपाने के लिए समाचार के रूप में विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित करवाया जाता है, तो वह पेड न्यूज की श्रेणी में आता है। ऐसा मामला संज्ञान में आते ही समाचार को विज्ञापन मानकर उसका खर्च संबंधित प्रत्याशी के शैडो रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। यदि प्रत्याशी का स्वयं का अखबार या टीवी चैनल है, तब भी वह ऐसे समाचार प्रकाशित नहीं करवा सकता जो पेड न्यूज की श्रेणी में आते हों। कोई प्रत्याशी मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए समाचार अथवा विज्ञापन प्रकाशित नहीं करवा सकता है। विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित करवाने से पूर्व उसे एमसीएमसी कमेटी से पूर्व अनुमति लेनी अनिवार्य है।उन्होंने बल्क एसएमएस, पेड न्यूज की पहचान करने, चिह्निïत होने पर उस पर की जाने वाली कार्रवाई तथा नोटिस व अपील के सभी पहलुओं के संबंध में अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी।  उन्होंने फेक न्यूज व इन पर नियंत्रण के संबंध में भी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया। उन्होंने कहा कि मतदान से 48 घंटे पहले तक किसी प्रकार के ओपिनियन पोल के प्रकाशन व प्रसारण पर भी पूर्ण पाबंदी रहेगी। इसी प्रकार पंफलेट, पोस्टर आदि पर उसके मुद्रक व प्रकाशक का नाम प्रकाशित करवाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यदि प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रोनिक मीडिया अथवा सोशल मीडिया पर चलवाए जाने वाले विज्ञापन का खर्च प्रत्याशी द्वारा नहीं बताया जाता है तो यह प्रत्याशी की खुद की  जिम्मेदारी होगी।विडियो कान्फ्रेंस में हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी डीके बेहरा ने चंडीगढ़ मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस में भाग लेते हुए प्रदेश में एमसीएमसी कमेटियों के गठन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।  वीडियो कॉन्फ्रेंस में उपायुक्त कम ज़िला निर्वाचन अधिकारी अतुल द्विवेदी,एसडीएम फरीदाबाद अमित कुमार , एसडीएम बङखल पंकज सेतिया ,उपनिदेशक कम ज़िला  सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी नीरज कुमार   एमसीएमसी कमेटी सदस्य  सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

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