मैक में सजी राजस्थानी लोक नृत्यों की सांझ, लोक कलाकारों ने बांधा समां
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मैक में सजी राजस्थानी लोक नृत्यों की सांझ, लोक कलाकारों ने बांधा समां
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Saturday,03 August , 2019)

Kurukshetra News,03 Aug 2019 (Rakesh Sharma) : विश्वभर में भारतीय संस्कृति की एक अलग पहचान है। भारत के प्रत्येक क्षेत्र में अलग अलग लोक विधाएं हैं, जो सभी को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करती हैं। हरियाणा कला परिषद मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर का प्रयास सराहनीय है, जिसके द्वारा हरियाणावासियों को अन्य प्रदेशों की संस्कृति से रुबरु होने का अवसर मिल रहा है। ये शब्द डाईट की प्राचार्या नमिता कौशिक ने कहे। वे शहर के मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर में आयोजित झलक रंगीलों राजस्थान कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि दर्शकों को सम्बोधित कर रहे थे। मौका था मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर में चल रहे तीज उत्सव की दूसरी शाम का, जिसमें राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में राजस्थानी संस्कृति को दिखाता कार्यक्रम झलक रंगीलो राजस्थान प्रस्तुत किया गया। इस मौके पर भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री अनु माल्यान विशिष्ट अतिथि के रुप में पहुंची। मैक की भरतमुनि रंगशाला में आयोजित इस कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर की। कार्यक्रम का मंच संचालन विकास शर्मा ने किया। कार्यक्रम से पूर्व मैक के क्षेत्रीय निदेशक नागेंद्र शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए तीज उत्सव की बधाई दी। राजस्थानी लोक रंगों से सजे कार्यक्रम की पहली प्रस्तुति जोधपुर से मुबारक लंगा व उनके कलाकारों की रही। जिसमें उन्होंने गणेश वंदना व राजस्थानी लोक गायन की प्रस्तुति दी। निम्बुड़ा निम्बुड़ा गीत पर मुबारक लंगा ने अपनी गायकी से खूब समां बांधा। इसके बाद अलवर राजस्थान से आए युसुफ खान व साथी कलाकारों ने भंपग वादन से दर्शकोें का मन मोहा। युसुफ खान द्वारा प्रस्तुत गीत या दुनिया में देख ल्यो हो रईए टर टर ने उपस्थिति का भरपूर मनोरंजन किया। अगली प्रस्तुति पूजा कामड़ व कलाकारों द्वारा चरी नृत्य की रही। जिसमें राजस्थान की महिलाओं द्वारा पानी भरने जाते समय सिर पर कलश रखकर किये जाने वाले नृत्य को प्रस्तुत किया गया। केवल थाली, बांकिया और ढोल की थाप पर किए जाने वाले इस नृत्य ने खूब तालियां बटौरी। चरी नृत्य के बाद इंदिरा देवी ने भवई नृत्य की प्रस्तुति देकर लोगों को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया। इंदिरा देवी को सिर पर सात कलश रखकर कांच, परात व नंगी तलवारों के उपर नृत्य करते देख सभी दर्शक दंग रह गए। अपने नृत्य व कलश के संतुलन के माध्यम से इंदिरा ने सबका दिल जीत लिया। भवई नृत्य की प्रस्तुति के बाद दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाई। वहीं घूमर नृत्य में कलाकारों ने राजस्थानी परम्परा को दिखाया तथा महमूद व मोसिम ने खड़ताल वादन से वाहवाही लूटी। कार्यक्रम राजस्थान का प्रसिद्ध नृत्य कालबेलिया ने भी सभी का भरपूर मनोरंजन किया। जिसमें पूजा व साथी कलाकारों ने नृत्य के माध्यम से अलग अलग करतब दिखाकर लोगों की खूब सराहना बटौरी। लगभग दो घण्टे तक चले इस कार्यक्रम का लोगों ने भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान दमादम मस्त कलंदर गीत ने भी खूब रंग भरा। अंतिम प्रस्तुति सावन नृत्य की रही जिसमें सावन के गीत पर राजस्थान के सभी कलाकारों ने लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में मैक के क्षेत्रीय निदेशक नागेंद्र शर्मा ने अतिथियों तथा कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के कार्यक्रम अधिकारी रमेश खंदूई, समन्वयक शशी बाला, रेणू खुग्गर, अन्नपूर्णा शर्मा, नरेश सागवाल, शिवकुमार किरमिच, मनोज कौशिक सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।   

मैक में सजी राजस्थानी लोक नृत्यों की सांझ, लोक कलाकारों ने बांधा समां