अधिवक्ता संजीव पुनाळेकरजी पर प्रविष्ट अपराध तत्काल हटाए जाएं !
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DELHI/NCR

अधिवक्ता संजीव पुनाळेकरजी पर प्रविष्ट अपराध तत्काल हटाए जाएं !
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Sunday,07 July , 2019)

New Delhi  News, 7 July 2019 : डॉ. दाभोलकर, कॉ. पानसरे की हत्या के अन्वेषण की दिशाहीनता न्यायालय के सामने प्रस्तुत कर अधिवक्ता संजीव पुनाळेकरजी ने अन्वेषण तंत्रों का नाकर्तापन जनता के समक्ष उजागर किया है । इसलिए प्रतिशोध की भावना से अधिवक्ता संजीव पुनाळेकरजी और सूचना अधिकार कार्यकर्ता  विक्रम भावे को सी.बी.आई. ने अवैध रूप से बंदी बनाया । अधिवक्ता पुनाळेकरजी ने अभी तक समाज के पिछडे वर्ग, निरपराध हिन्दू कार्यकर्ता, पीडित पुलिसकर्मी और पत्रकार, संत आदि अनेकों को आगे बढकर सहायता की है । उनका वह कार्य देखते हुए उनपर इस प्रकार अनुचित आरोप लगाकर उन्हें हेतुतः फंसाना अत्यधिक संदेहास्पद है । सी.बी.आई द्वारा की गई कार्यवाही संविधान और संपूर्ण अधिवक्ता वर्ग के व्यवसायिक न्यायिक अधिकारों का गला घोंटनेवाली है । हिन्दुत्वनिष्ठों का इस प्रकार दमन हिन्दू समाज कदापि सहन नहीं करेगा । इस अन्यायकारक बंदी से अधिवक्ता संजीव पुनाळेकरजी को जमानत मिलना, यह पहला चरण है । उनपर प्रविष्ट किए गए अपराध सी.बी.आई जब तक नहीं हटाती, तब तक यह नहीं कह सकते कि उन्हें न्याय मिला है । इसलिए सी.बी.आई उनपर प्रविष्ट अपराध तत्काल हटाए, ऐसी मांग राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन में दिल्ली के जंतर मंतर की गई । नागा साधुओं के संबंध में विकृत दृश्य दिखानेवाले लाल कप्तान चलचित्र पर प्रतिबंध लगाएं ! इस आंदोलन में आगामी चलचित्र लाल कप्तान का भी तीव्र विरोध किया गया । इस चलचित्र में नागा  साधुओं   से संबंधित कुछ विकृत दृश्य हैं । आदि शंकराचार्य जी ने हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए नागा साधुओं की सेना बनाई थी, वह आजतक उस परंपरा का वहन कर रही है । नागा साधुओं का हिन्दू संस्कृति में विशेष महत्त्व है । भारत के राजा-महाराजाओं ने युद्ध में नागा साधुओं से सहायता ली थी, इतिहास में इसके अनेक उदाहरण हैं । ऐसा होते हुए भी हिन्दू धर्म के लिए प्राणों की बाजी लगानेवाले नागा साधुओं की अपकीर्ति करने का प्रयत्न इस चलचित्र के माध्यम से होनेवाला है । यह श्रद्धावान हिन्दू समाज कदापि सहन नहीं करेगा । इसलिए चलचित्र लाल कप्तान पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी इस समय की गई । गोरक्षकों पर प्राणघातक आक्रमण करनेवाले धर्मांधों पर कठोर कार्यवाही करें ! गोरक्षक चेतन शर्मा (बदलापुर, ठाणे, महाराष्ट्र), विकास गोमसाळे और मयूर विभांडिक (धुले, महाराष्ट्र) पर धर्मांध कसाइयों द्वारा प्राणघातक आक्रमण किया गया । गोमाताओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों की परवाह न करनेवाले गोरक्षकों को आज कोई सुरक्षा नहीं है । इसलिए उन्हें ऐसे प्रसंगों का सामना करना पड रहा है । गोरक्षकों पर आक्रमण करनेवाले धर्मांधों पर कठोर कार्यवाही होनी चाहिए । देशभर के अवैध पशुवधगृह तत्काल बंद करने के लिए शासन कठोर कदम उठाए तथा देशभर में गोवंश हत्या प्रतिबंधक कानून तत्काल लागू कर उसपर कठोर अमल किया जाए, ऐसी मांगे भी इस समय आंदोलन में की गईं ।

अधिवक्ता संजीव पुनाळेकरजी पर प्रविष्ट अपराध तत्काल हटाए जाएं !