कांग्रेस कर रही है अध्यक्ष को लेकर माथापच्ची, उधर बीजेपी की नजर अब दक्षिण भारत पर
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कांग्रेस कर रही है अध्यक्ष को लेकर माथापच्ची, उधर बीजेपी की नजर अब दक्षिण भारत पर
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Saturday,06 July , 2019)

New Delhi News, 07 July 2019 : एक ओर कांग्रेस जहां अध्यक्ष पद के लिए चेहरा तलाशने में माथापच्ची कर रही है वहीं ऐसा लग रहा है कि  तरह 2014 में सरकार बनते ही पीएम मोदी और पूरी बीजेपी 2019 की तैयारी में जुट गए थे, ऐसा लग रहा है कि पीएम मोदी और पूरी पार्टी अब 2024 की तैयारी में अभी से जुट गई है. शनिवार को ही पीएम मोदी ने बीजेपी के देशव्यापी सदस्यता अभियान की शुरुआत कर दी है. अभी तक बीजेपी की कमान संभाल रहे गृहमंत्री अमित शाह बीजेपी को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनाने का दावा करते हैं और कहना गलत न होगा कि बीजेपी की इतनी बड़ी जीत में कार्यकर्ताओं की भारी भरकम फौज का भी बड़ा हाथ है. एक ओर जहां काशी में पीएम मोदी सदस्यता अभियान की शुरुआत के बाद 5 हजार कार्यकर्ताओं के बीच बजट की बारीकियों के साथ अगले 5 साल का खाका खींच रहे थे तो दूसरी ओर गृहमंत्री अमित शाह  पार्टी कार्यकर्ताओं से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल जैसे दक्षिणी राज्यों को एक दिन पार्टी का गढ़ बनाने की दिशा में काम करने के लिए कहा.  शाह ने कहा, 'बीजेपी ने पहले कर्नाटक में सरकार बनाई थी. फिर भी हमें कहा जाता है कि भाजपा दक्षिण में नहीं है. मैं इतना कहना चाहता हूं कि चाहे तेलंगाना हो, आंध्र हो या केरल हो..इन तीनों राज्यों को किसी दिन भाजपा का गढ़ बनाना होगा.' उन्होंने कहा, 'यह तेलंगाना के लोगों के लिए मुकाबला है. आपको फैसला करना है कि तेलंगाना पहले गढ़ बनेगा या आंध्र या केरल.'    

पार्टी लोकसभा चुनाव में अपने शानदार प्रदर्शन से उत्साहित है. तेलंगाना में उसने 17 लोकसभा सीटों में से चार पर जीत दर्ज की. शाह ने कहा कि भाजपा को 17 राज्यों में 50 प्रतिशत से अधिक वोट मिले जबकि कांग्रेस को 17 राज्यों में एक भी सीट नहीं मिली. उन्होंने भरोसा जताया कि तेलंगाना में पार्टी का वोट प्रतिशत 19 फीसदी से बढ़कर 50 फीसदी पर पहुंच जाएगा. शाह ने तेलंगाना में 18 लाख नए सदस्य शामिल करने का लक्ष्य रखा, जबकि राज्य ईकाई ने 12 लाख का लक्ष्य रखा था. उन्होंने कहा कि अगर राज्य ईकाई यह नहीं कर सकी तो वह खुद हर जिले में जाकर इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे.    


संकट में कर्नाटक सरकार! CM कुमारस्वामी विदेश में, इधर जेडीएस- कांग्रेस के 11 विधायकों ने दिया इस्तीफा

शाह ने कहा, ‘‘मैंने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव पी मुरलीधर राव से पूछा.. उन्होंने मुझे तेलंगाना में मौजूदा 18 लाख सदस्यों में 12 लाख नए सदस्यों को जोड़ने की योजना बताई.''   उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप (राज्य नेतृत्व) यह नहीं कर सकते तो मुझे बता दीजिए. मैं तेलंगाना में हर जिले में जाऊंगा और सदस्यता अभियान चलाऊंगा. हमें तेलंगाना में भाजपा को मजबूत करने और 18 लाख नए सदस्य बनाने की जरुरत है.'अमित शाह ने कहा  कि अंग्रेजी वर्णमाला ‘‘ए-बी-सी-डी...'' में ऐसा कोई अक्षर नहीं है, जिस पर देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के टूटने के बाद कोई पार्टी नहीं बनी हो। कांग्रेस ‘ओ', कांग्रेस ‘यू'...सभी (ए-बी-सी-डी...) नाम से कांग्रेस पार्टी बनी है.  शाह ने कहा कि केवल एक हार के बाद कांग्रेस पार्टी टूट गई. उन्होंने तेलुगू देशम पार्टी का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह पार्टी भी टूट गई. 


दक्षिण भारत के लिए मौका
कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस की सरकार संकट में हैं. 13 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. बहुमत के लिए 113 विधायक चाहिए और गठबंधन सरकार के पास 116 विधायक हैं. वहीं बीजेपी के पास 103 विधायक हैं. अगर कर्नाटक में सरकार गिरती है तो यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका होगा क्योंकि लोकसभा चुनाव में राज्य में उसकी करारी हार हुई है.  28 सीटों में बीजेपी को 25 सीटें मिली हैं.

केरल
केरल बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती है लेकिन बीजेपी ने अपना कैडर वहां काफी मजबूत कर लिया है. बीजेपी को लगता है कि पश्चिम बंगाल की तरह आज नहीं तो कल वह बड़ी पार्टी बन जाएगी. पीएम मोदी ने भी अपना ध्यान वहीं केंद्रित कर दिया है. लोकसभा चुनाव में भले ही बीजेपी को वहां सफलता न मिली हो लेकिन चुनाव के ठीक बाद पीएम मोदी सबसे पहले केरल गए और वहां सभा को संबोधित किया.उन्होंने कहा,'लोग सोच रहे हैं कि हार के बाद भी पीएम मोदी ने केरल क्यों आए'?

आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश में इस समय जगन मोहन रेड्डी की सरकार है. विधानसभा चुनाव में चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी की करारी हार हुई है. लेकिन इसी बीच एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम में टीडीपी के 4 राज्यसभा सांसद बीजेपी के पाले में आ गए. विधानसभा चुनाव में भी टीडीपी को मात्र 23 सीटें मिली हैं. कुछ लोगों का कहना है कि कोई बड़ी बात न हो जब किसी दिन अचानक बीजेपी ही विधानसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी बन जाए.

तेलंगाना
लोकसभा चुनाव में 17 सीटों में से 4 सीटें बीजेपी के खाते में आई हैं. बीजेपी ने तेलंगाना में अपना आधार बढ़ाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है.

तमिलनाडु
तमिलनाडु की राजनीति में क्षेत्रीय दलों का बोलबाला है. यहां राजनीति जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके और एम करुणानिधि की डीएमके के बीच चलती है. लेकिन दोनों ही अब इस दुनिया में नहीं है. बीजेपी को लगता है कि अब उसके बड़ा मौका है. यही वजह से पार्टी वहां कई अन्य क्षेत्रीय नेताओं के संपर्क में है. कांग्रेस ने भी डीएमके साथ समझौता कर लोकसभा चुनाव में फायदा उठाया है. 

कांग्रेस कर रही है अध्यक्ष को लेकर माथापच्ची, उधर बीजेपी की नजर अब दक्षिण भारत पर