कूड़ा कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थान स्वच्छता के प्रति समझें अपनी जिम्मेदारी : निगमायुक्त अनीता यादव
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FARIDABAD

कूड़ा कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थान स्वच्छता के प्रति समझें अपनी जिम्मेदारी : निगमायुक्त अनीता यादव
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Sunday,14 April , 2019)

निगम सभागार में ठोस कचरा प्रबंधन रूल्स 2016 के तहत किया कार्यशाला का आयोजन

Faridabad News, 14 April 2019 : नगर निगम  द्वारा नगर निगम सभागार में ठोस कचरा प्रबंधन रूल्स 2016 के तहत कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें  निगमायुक्त अनीता यादव द्वारा लोगों से अपने घरों, होटल, रेस्टोरेन्ट, गैस्ट हाउस, वाणिज्य कार्यालय, सरकारी कार्यालय, बैंक इंश्योरेंस कार्यालय, कोचिंग कक्षाएं/शिक्षण संस्थान, मैरिज हॉल, आरडब्ल्यूए व स्कूलों से निकलने वाले गीले व सूखे कूड़े को अलग-अलग कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने की अपील की जिसकी जिम्मेदारी कूड़ा कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थान की है। निगमायुक्त अनीता यादव, मुख्य अभियंता डी.आर. भास्कर, अतिरिक्त निगमायुक्त रोहताश बिश्नोई, कार्यकारी अभियंता ठोस कचरा प्रबंधन श्याम सिंह सहित अन्य कई संस्थानों और होटलों के संचालकों ने नगर निगम सभागार में हुई कार्यशाला में कंपनी द्वारा लगाए गए ऊर्जा वायो एनर्जी एंड कम्पोस्ट सिस्टम (कीचन का वेस्ट निकालने वाली मशीन) सलाईडर मशीन, सलाईडर मिक्सचर,  (पार्क के कूड़ेव अन्य कूड़े को मिक्स करके बनाई खाद के लिए) बायोगैस प्लांट (गोबर से गैस बनाने वाला प्लांट) का भी अवलोकन किया तथा जानकारी हासिल की। निगमायुक्त अनीता यादव ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि किचन से निकलने वाला कचरा जैसे चाय पत्ती, अडें के छिलके, सब्जियों के छिलकें, मीट और हड्डी, पेड़-पौधे से निकलने वाले पत्ते व फूल, नारियल के छिलके, राख इत्यादि गीले कचरे के लिए हरे डस्टबिन तथा अखबार, कागज, ग्लास, धातू की वस्तू एंव तार, प्लास्टिक, कपड़ा, चमड़ा, रेक्सीन, लकड़ी, पालीस्ट्रीन, पैकेजिंग सामगी्र इत्यादि सूखे कचरे के लिए नीले डस्टबिन का प्रयोग करे। इसके अलावा निगमायुक्त ने गीले कचरे को जॅहा तक सम्भव है पार्क/परिसर के अन्दर ही प्रोसेस करके खाद या  बायो गैस उत्पादन करने हेतु व्यव्स्था विकसित करें। इस बारे बताया जाता है कि परिसर में अगर जगह उपलब्ध है तो पिट बनाकर खाद बनाये अन्यथा बाजार में खाद या बायो गैस उत्पादन करने हेतु अलग-अलग क्षमताओं की मशीन उपलब्ध है, जिनको आप अपने अनुसार परिसर में लगवा सकते है। निगमायुक्त ने इस कार्यशाला में लोगों से अपील की कि गर्मी के सीजन को देखते हुए पानी का समुचित प्रयोग करें क्योंकि आजकल पानी का सबसे ज्यादा दोहन हो रहा है। फ रीदाबाद में लोगों के घरों में रैनीवैल परियोजना के तहत पानी पहुंच पा रहा है। बैठक में उन्होंने लोगों से पीने का पानी का समुचित ढंग से प्रयोग करने और रैनवाटर हावेस्टिंग सिस्टम लगाकर पानी का समुचित प्रयोग करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पहले हरे-भरे पेड़ होते थे अब हर तरफ जंगल के कंक्रीट ही दिखाई देते है। यह सब पानी का अत्यधिक मात्रा में दोहन होने के कारण हो रहा है। अत: हम सबको आज से ही प्रण लेना चाहिए और पानी के दोहन पर पूरी तरह से रोक लगानी चाहिए। अतिरिक्त निगमायुक्त ने कार्यशाला में सोलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट रूल्स 2016 के अन्तर्गत बने ठनसा ॅेंजम ळमदमतंजवत के नियमों के बारे में विस्तार पूर्वक लोगों को जानकारी देने के लिए निगमायुक्त अनीता यादव और प्रो श्यामल मणी मैडम का धन्यवाद किया और हयूमन राईटस संस्था से जुड़ी मोनिका मैडम का भी धन्यवाद किया जो 70 घरों में कंपोस्ट बनाने का कार्य लोगों को सीखा रही है। इसके साथ उन्होंने इंडियन ऑल कंपनी का सेक्टर-13 के गीन बैल्ट में बायोगैस प्लांट लगाने पर भी आभार जताया। अतिरिक्त निगमायुक्त रोहताश बिश्नोई ने लोगों से अपील की है कि कूड़ा निस्तारण के लिए हम सभी को अपनी जिम्मेदारी का अहसास करना होगा ।  आज से ही हर शहरवासी अपने घर /परिसर में ही कूड़ा अलग-अलग करके गीले कचरे का निस्तारण स्त्रोत पर ही करना सुनिश्चित कर लें एंव बचे हुए कचरे को निगम द्वारा अधिकृत कम्पनी/वेस्ट कलैक्टर को देना शुरु करें, और देखना हम एक-एक की मेहनत से यह दिखने वाला विशालकाय कूड़ा़ समाप्त हो जायेगा, यानि बिमारी का जन्मदाता आपके छोटे-छोटे प्रयासो से खत्म हो जायेगा और कूड़े के परिवहन के समय फेलने वाला वायू प्रदूषण कम हो जायेगा व बन्धवाड़ी तक इस कूड़े को पहुचॉने में ट्रांसपोर्ट में होने वाला सरकार का खर्चा बहुत कम हो जायेगा जिसको अन्य जन कल्याण के कार्यो में लगाया जा सकता है। कार्यशाला में राकेश सोलंकी, एनआईयूए की प्रोफेसर डा. श्यामल मणी, हयूमन काउंड फाउंडेशन की संस्थापक मोनिका शर्मा, आरडब्ल्यूए मैम्बर केशव जैनी, मानव रचना के प्रोफेसर डा. अरूनागसु मुखर्जी, सरिता सचदेवा ने ठोस कचरा प्रबंधन पर अपने-अपने विचार रखे तथा इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने सेक्टर-13 के ग्रीन बैल्ट ठोस कचरे से वायोगैस प्लांट के बारे में जानकारी दी। बैठक में हरियाणा टूरिज्म से डिवीजन मैनेजरों, आर.ओ. पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड फरीदाबाद के पदाधिकारीगण, डबुआ सब्जी मंडी और ओल्ड सब्जी मंडी के पदाधिकारीगण तथा  मुख्य अभियन्ता, अधीक्षण अभियंता, ठोस कचरा प्रबंधन कार्यकारी अभियन्ता, सभी कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियन्ता व कनिष्ठ अभियंता मौजूद थे।

कूड़ा कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थान स्वच्छता के प्रति समझें अपनी जिम्मेदारी : निगमायुक्त अनीता यादव