लोकसभा चुनाव 2019 : आचार संहिता लागू, हरियाणा में विधानसभा चुनाव अधर में
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लोकसभा चुनाव 2019 : आचार संहिता लागू, हरियाणा में विधानसभा चुनाव अधर में
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Sunday,10 March , 2019)

New Delhi News, 10 March 2019 : लोकसभा चुनाव का ऐलान हो गया है। पूरे देश में सात चरणों में चुनाव होगा. पहले चरण का चुनाव मतदान 11 अप्रैल को, दूसरे चरण का चुनाव 18 अप्रैल को , तीसरा चरण का चुनाव 23 अप्रैल को , चौथे चरण का चुनाव 29 अप्रैल को, पांचवे चरण का चुनाव 6 मई को , छठवें चरण का चुनाव 12 मई और सातवें चरण का चुनाव 19 मई को होगा. वोटों की गिनती 23 मई को की जाएगी। लोकसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा रविवार शाम को दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने दी।​
90 करोड़ हुई मतदाताओं की संख्या
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि 2019 चुनावों के लिए मतदाताओं का संख्या बढ़कर करीब 90 करोड़ हो गई है। लोकसभा चुनाव की तैयारी काफी दिनों से की जा रही थी। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बैठकें की गई।
सात चरणों में ऐसे पड़ेंगे वोट
पहला चरण- 11 अप्रैल
दूसरा चरण- 18 अप्रैल
तीसरा चरण- 23 अप्रैल
चौथा चरण- 29 अप्रैल
पांचवां चरण- 6 मई
छठवां चरण- 12 मई
सातवां चरण- 19 मई
हरियाणा में विधानसभा चुनाव अधर में

चुनाव आयुक्त ने बताया कि संवेदनशील बूथ की खास सुरक्षा व्यवस्था होगी। मतदान केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी होगी। आचार संहित उल्लंघन के लिए ऐप लॉन्च की है। इस पर शिकायत मिलने के 100 मिनट में कार्रवाई होगी। कोई दूसरी और हरियाणा में विधानसभा चुनाव करवाने की घोषणा  अधर में रह गई है ! हरियाणा में विधानसभा चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही होंगे ! जबकि वहीं दूसरी ओर हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों के लिए 12 मई को चुनाव होंगे !

2014 में 9 चरणों में हुआ था चुनाव
2014 का लोकसभा चुनाव 9 चरण में संपन्न हुआ था। वोटों की गिनती 16 मई को की गई थी। इस चुनाव के नतीजों की बात करें तो बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए को 336 सीट, कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए को 60 सीट और अन्य क्षेत्रिय दलों के खाते में 147 सीट गई थी।

क्या है आचार संहिता :  चुनाव आचार संहिता (आदर्श आचार संहिता/आचार संहिता) यानि चुनाव आयोग के वे निर्देश जिनका पालन चुनाव खत्म होने तक हर पार्टी और उसके उम्मीदवार को करना होता है। अगर कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता तो चुनाव आयोग उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई कर सकता है, उसे चुनाव लडऩे से रोका जा सकता है, उम्मीदवार के खिलाफ एफआइआर दर्ज हो सकती है और दोषी पाए जाने पर उसे जेल भी जाना पड़ सकता है। राज्यों में चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही वहां चुनाव आचार संहिता भी लागू हो जाती हैं। चुनाव आचार संहिता के लागू होते ही सरकार और प्रशासन पर कई अंकुश लग जाते हैं। सरकारी कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक निर्वाचन आयोग के कर्मचारी बन जाते हैं। वे आयोग के मातहत रहकर उसके दिशा-निर्देश पर काम करते हैं।

केंद्र या प्रदेश सरकार के मंत्री अब न कर सकेंगे कोई घोषणा  

केंद्र या प्रदेश सरकार के मंत्री अब न तो कोई घोषणा कर सकेंगे, न शिलान्यास, लोकार्पण या भूमिपूजन। सरकारी खर्च से ऐसा आयोजन नहीं होगा, जिससे किसी भी दल विशेष को लाभ पहुंचता हो। राजनीतिक दलों के आचरण और क्रियाकलापों पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग पर्यवेक्षक नियुक्त करता है। कोई भी दल ऐसा काम न करे, जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच मतभेद बढ़े या घृणा फैले। राजनीतिक दलों की आलोचना कार्यक्रम व नीतियों तक सीमित हो, न ही व्यक्तिगत। धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। मत पाने के लिए भ्रष्ट आचरण का उपयोग न करें। जैसे-रिश्वत देना, मतदाताओं को परेशान करना आदि। किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार, अहाते या भूमि का उपयोग न करें। किसी दल की सभा या जुलूस में बाधा न डालें। राजनीतिक दल ऐसी कोई भी अपील जारी नहीं करेंगे, जिससे किसी की धार्मिक या जातीय भावनाएं आहत होती हों।

राजनीतिक सभाओं के लिए नियम

सभा के स्थान व समय की पूर्व सूचना पुलिस अधिकारियों को दी जाए। दल या अभ्यर्थी पहले ही सुनिश्चित कर लें कि जो स्थान उन्होंने चुना है, वहॉं निषेधाज्ञा तो लागू नहीं है। सभा स्थल में लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति पहले प्राप्त करें। सभा के आयोजक विघ्न डालने वालों से निपटने के लिए पुलिस की सहायता करें।

जुलूस के लिए संबंधी नियम

जुलूस का समय, शुरू होने का स्थान, मार्ग और समाप्ति का समय तय कर सूचना पुलिस को देनी होगी।

जुलूस का इंतजाम ऐसा हो, जिससे यातायात प्रभावित न हो।

राजनीतिक दलों का एक ही दिन, एक ही रास्ते से जुलूस निकालने का प्रस्ताव हो तो समय को लेकर पहले बात करनी होगी।

जुलूस सड़क के दायीं ओर से निकाला जाए।

-जुलूस में ऐसी चीजों का प्रयोग न करें, जिनका दुरुपयोग उत्तेजना के क्षणों में हो सके।

मतदान के दिन के लिए नियम 

अधिकृत कार्यकर्ताओं को बिल्ले या पहचान पत्र दें।

मतदाताओं को दी जाने वाली पर्ची सादे कागज पर हो और उसमें प्रतीक चिह्न, अभ्यर्थी या दल का नाम न हो।

मतदान के दिन और इसके 24 घंटे पहले किसी को शराब वितरित न की जाए।

मतदान केन्द्र के पास लगाए जाने वाले कैम्पों में भीड़ न लगाएं।

कैम्प साधारण होने चाहिए।

मतदान के दिन वाहन चलाने पर उसका परमिट प्राप्त करें।

कार्यकलापों में शिकायत का मौका न दें।

मंत्री शासकीय दौरों के दौरान चुनाव प्रचार के कार्य न करें।

इस काम में शासकीय मशीनरी तथा कर्मचारियों का इस्तेमाल न करें।

सरकारी विमान और गाडिय़ों का प्रयोग दल के हितों को बढ़ावा देने के लिए न हो।

हेलीपेड पर एकाधिकार न जताएं।

 विश्रामगृह, डाक-बंगले या सरकारी आवासों पर एकाधिकार नहीं हो।

इन स्थानों का प्रयोग प्रचार कार्यालय के लिए नहीं होगा।

सरकारी धन पर विज्ञापनों के जरिये उपलब्धियां नहीं गिनवाएंगे।

मंत्रियों के शासकीय भ्रमण पर उस स्थिति में गार्ड लगाई जाएगी जब वे सर्किट हाउस में ठहरे हों।

कैबिनेट की बैठक नहीं करेंगे।

स्थानांतरण तथा पदस्थापना के प्रकरण आयोग का पूर्व अनुमोदन जरूरी।

ये काम नहीं करेंगे कोई भी मंत्री

शासकीय दौरा (अपवाद को छोड़कर)

विवेकाधीन निधि से अनुदान या स्वीकृति

परियोजना या योजना की आधारशिला

सड़क निर्माण या पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन

अधिकारियों के लिए नियम 

शासकीय सेवक किसी भी अभ्यर्थी के निर्वाचन, मतदाता या गणना एजेंट नहीं बनेंगे।

मंत्री यदि दौरे के समय निजी आवास पर ठहरते हैं तो अधिकारी बुलाने पर भी वहॉं नहीं जाएंगे।

चुनाव कार्य से जाने वाले मंत्रियों के साथ नहीं जाएंगे।

जिनकी ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें छोड़कर सभा या अन्य राजनीतिक आयोजन में शामिल नहीं होंगे।

राजनीतिक दलों को सभा के लिए स्थान देते समय भेदभाव नहीं करेंगे।

लाउडस्पीकर के प्रयोग पर प्रतिबंध

चुनाव की घोषणा हो जाने से परिणामों की घोषणा तक सभाओं और वाहनों में लगने वाले लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं। इसके मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में सुबह 6 से रात 11 बजे तक और शहरी क्षेत्र में सुबह 6 से रात 10 बजे तक इनके उपयोग की अनुमति होगी।

लोकसभा चुनाव 2019 : आचार संहिता लागू, हरियाणा में विधानसभा चुनाव अधर में