स्वच्छ भारत अभियान एक ढोंग
Breaking News :

EDITORIAL

स्वच्छ भारत अभियान एक ढोंग
(Kiran Kathuria) www.bharatdarshannews.com Saturday,15 September , 2018)

Mukhi Deepak/Fariadabad News,  15 September 2018 : यूं तो देश के प्रधान सेवक उफऱ् प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान का आगाज़ इसलिए किया था कि देश में स्वछता को बढ़ावा दिया जाए। पर आज जो कुछ देश व प्रदेश में दिख रहा है उससे तो ये लगने लगा कि कहीं सफाई के नाम पर ढोंग और दिखावा तो नहीं हो रहा है। स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत के तहत आज केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को ओल्ड फरीदाबाद में पुरानी अनाज मण्डी में आयोजित कार्यक्रम में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा अभियान का शुभारम्भ करने आए थे। उन्होंने वहां कहा कि यह पखवाड़ा 15 सितम्बर से 2 अक्तूबर तक पूरे देश में चलाया जायेगा। राजनाथ ने कहा कि हरियाणा से उन्हें विशेष लगाव है इसी कारण उन्होंने स्वच्छता कार्यक्रम की शुरूआत के लिए फरीदाबाद जिले का चयन किया है। यहां आपको बताते चलें कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश की आजादी के लिए जिस प्रकार से सत्याग्रह आन्दोलन चलाया था, उसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता अभियान को सवा सौ करोड़ लोगों का जन अभियान बना दिया थ।  प्रधानमंत्री ने चार साल पहले इस स्वच्छता अभियान की शुरूआत की थी, जिसके बाद पूरे देश में स्वच्छता के प्रति लोगों में काफी जागरूकता किया गया। गांवों से लेकर कस्बों व शहरों तक स्वच्छता के लिए अनेक गतिविधियां कार्यक्रम आयोजित हुए। पर क्या वाके में ही मोदी जी का स्वच्छता अभियान सफल हो रहा है?

आज ओल्ड फरीदाबाद व बढख़ल क्षेत्र में केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ केन्द्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर व उद्योग मंत्री हरियाणा विपुल गोयल, विधायक मूल चन्द शर्मा, सीमा त्रिखा, नगर निगम की महापौर सुमन बाला, आयुक्त नगर निगम मोहम्मद शाइन, पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो, उपायुक्त अतुल कुमार द्विवेदी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया था। तमाम मीडिया रिपोट्र्स और फोटोग्राफ्स में साफ़ साफ़ दिख रहा है की किस तरह पहले जानबूझ कर कूड़ा और गंदगी फैलाई गई उसके बाद मीडिया के सामने दिखावटी रूप से सफाई करने का ढोंग किया गया। अब इस पूरे मिशन पर ही सवाल उठने लगा है की क्या इन नेताओ द्वारा कैमरे के सामने सफाई के ढोंग करने से यह अभियान कामयाब हो पाएगा? ऐसा  लग रहा है की जितना पैसा झाड़ू खरीदने और इस तरह के झूठे कार्यक्रम करने में लगते है अगर उसी पैसा में कुछ सफाई कर्मचारी रख लिए जाएं और जो सफाई कर्मचारी हैं उनको उचित पैसा मिले तो ज्यादा सफाई हो पाएगी। नहीं तो इस अभियान का हश्र भी अभी तक चल रहे गंगा यमुना सफाई की तरह ही रह जाएगा। क्या देश में केवल सफाई अभियान के लिए महज जागरूगता ही काफी है ? क्या इसके लिए सिस्टम में सुधार की आवश्यकता नहीं हैं? क्या केवल टीवी और  अखबारों में विज्ञापन भर देने और ऐसे दिखावा करने से देश में सफाई हो जाएगी ? मेरे हिसाब से तो बिलकुल नहीं। अगर देश में साफ़ सफाई रखना हो तो सबसे पहले सिस्टम बदलना होगा। सफाई कर्मचारियों की तादाद बढानी होगी और उन्हें उनकी ड्यूटी याद दिलानी होगी तब जाकर इस सफाई मिशन का कोई मतलब बनेगा। नहीं तो अगर केवल दूसरो को ज्ञान और कंसेप्ट देना हो तो बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनो पर 5-10 रुपये में एक से बढ़ कर एक ज्ञान देने वाली किताबें तो मिलती ही हैं।

स्वच्छ भारत अभियान एक ढोंग